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संविधान
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युवा शक्ति का उद्देश्य
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- संस्था का नाम :- युवा शक्ति ( रजी नं. S/63018/2008)
- केन्द्रीय कार्यालय :- 1, बलवन्त राय मेहता लेन, कस्तूरबा गाँधी मार्ग, नई दिल्ली -
110001
- कार्य क्षेत्र :- सम्पूर्ण भारतवर्ष
- उद्देश्य :- इस संस्था के सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वैचारिक क्रांति के निम्नलिखित
उद्देश्य है I
- संस्था का स्मृति चिन्ह :- हाथ में लिया हुआ मसाल ( क्रांति का मसाल)
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संस्था के कार्य एवं उद्देश्य
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- यह संस्था नेताजी सुभाष चन्द्र बोष के प्रेरणा श्रोत से बनाई गई है
- युवाशक्ति एक वैचारिक, समाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं क्रन्तिकारी समाजिक संगठन
के रूप में बनाया गया है
- यह संस्था आज़ाद हिंद फ़ौज के तर्ज पर संघर्ष करेगी जैसे “ आप हमें पसीना (श्रम) दो हम
आपको आर्थिक, सामाजिक आजादी के साथ-साथ शोषणमुक्त एवं भयमुक्त समाज देंगें “
- यह संस्था सभी के लिए समान अधिकार, समान अवसर, समता मुलक समाज की स्थापना के लिए संघर्ष
करेगी
- युवा शक्ति विश्व के युवा नैतिकवान किसान और गरीब मजदूर को एक मंच पर लाने का प्रयास
करेगी
- युवा शक्ति एक आदर्शवादी, राष्ट्रवादी, कर्मशील साथियों का नेतृत्व खड़ा करने का प्रयास
करेगी जो सामाजिक, आर्थिक, क्रांति के लिए कार्य करेगी और ऐसे ही साथियों के प्रयास
से वास्तविक जन क्रांति का सृजन करेगी
- युवा शक्ति भाषाई, क्षेत्रीय, जातीय, मजहबी बाँटने वाले किसी भी संगठन, समूह, पार्टी,
संस्था को ऐसा करने से रोकेगी और राष्ट्रीयता जैसे सवालों को खड़ा कर राष्ट्रीय एकता
की बात करने वाले मनुष्य को सबसे बड़ा शत्रु मानेगी
- युवा शक्ति किसी भी कौम, धर्म, मजहब नारी, दलित,जनजाति एवं पिछड़ी गरीब जाति के शोषण
दोहण करने वालों को ऐसा करने से रोकेगी
- युवा शक्ति ऋषियों, मुनियों पैगम्बरों, शिष्ट परम्पराओं एवं राम, कृष्ण, शिव, बुद्ध,
महावीर, ईसा मसीह, जरयुक्षत, हजरत मौहम्मद साहब के जीवन एवं उनके आदर्श को प्रारंभिक
शिक्षा में प्राथमिकता के आधार पर लाकर बच्चों के व्यवहारिक, समाजिक, आध्यत्मिक और
चारित्रिक नींव को मजबूत करेगी
- यह संस्था राष्ट्र, समाज और मनुष्य के पुनः निर्माण के साथ-साथ गरीबी भूख को दूर करने
के लिए संघर्ष करेगी
- यह संस्था अहिंसावादी तरीके से मनुष्य, समाज, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब. छोटा-बड़ा, स्वाधीनता
के साथ-साथ मानव एवं जीव मात्र के मुक्ति के लिए संघर्ष करेगी
- यह संस्था ट्रेड यूनियन, किसान सभा, मजदुर सभा, छात्र आंदोलन, मजदुर आंदोलन जैसे समूह
के लिए अनवरत संघर्ष करेगी और सहयोग करेगी
- यह संस्था किसी भी तरह के धार्मिक आडम्बरवाद, कट्टरवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद जो
मानव के बीच फर्क डालता हो और मानव का शोषण करता हो ऐसे रुढिवादी अभिशाप के खिलाफ संघर्ष
कारेगी
- यह संस्था किसी भी तरह का संकीर्ण राजनीति, धर्म को निहित स्वार्थी, चापलूस लोभी, लोगों
का आवरण नहीं बनने देगी ऐसे लोगों से भारत को मुक्त करके आत्याधिक जीवंत प्रगतिशील
बनाएगी
- यह संस्था न्याय अनीति एवं गुल्स्मी के खिलाफ समाज को जागृत करेगी और समय-समय पर समाज
को सावधान करेगी
- यह संस्था मनुष्य की हर तरह की स्वतंत्रता और जन्म सिद्ध अधिकार के लिए संघर्ष करेगी
- यह संस्था प्रत्येक व्यक्ति को रोजी-रोटी मिले इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को आत्मनिर्भर
होने के लिए प्रशिक्षण के साथ जागृत करेगी
- यह संस्था भूतपूर्व सैनिक, वैज्ञानिक, किसान, छात्र-नौजवान, मजदूर नैतिकवान व्यक्ति
को एकत्रित कर नये समाज के निर्माण के लिये अपने सिद्धांत एवं विचार के प्रति अग्रसित
होगी
- युवा शक्ति का लक्ष्य मनुष्य की आर्थिक आजादी और पूर्ण स्वाधिनता के लिए अनवरत संघर्ष
करना है
- यह संस्था बंघन, जड़ता, कुसंस्कार, संकीर्णता जैसे अभिशाप से मुक्ति के लिए समाज के
भीतर जन-जागृति लाएगी
- यह संस्था साहित्य, कला, विज्ञान, संगीत,खेलों को मनुष्य और समाज के जीवन में लाने
के लिए जन-जागृति अभियान चलायेगी
- यह संस्था मनुष्य जाति के सामाजिक, आर्थिक स्तर को मजबूत बनाने के लिए कुटीर एवं लघु
उद्योग हस्तकरघा जैसे कार्यों को पंचायतों, गांवों, मोहल्लो, शहारो तक पहुँचाने का
कार्य करेगी, जिससे हर हाथ को काम मिल सके
- यह संस्था व्यवहारिक, मौलिक, आर्थिक, शिक्षा को जन-जन एवं प्रत्येक घर तक पहुंचाने
के लिए दृढ़ संकल्पित है
- यह संस्था मानसिक, शारीरिक रूप से मनुष्य को स्वस्थ्य रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगी
- यह संस्था समाज में जाति-भेद का स्थान नहीं देगी समाज में नारी मुक्ति के साथ-साथ राष्ट्र
सेवा के लिए पुरुषों एवं नारी को समान अधिकार मिले जिससे समाज में अर्थ की विषमता न
हो और समाज में प्रत्येक पुरुष एवं महिला को प्रगति का समान अवसर मिले, इसके लिए संघर्ष
करेगी
- यह संस्था ऐसे समाज, व्यक्ति, संस्था या राजनीति पार्टीयों को पूरी तरह सहयोग करेगी
जिसमे श्रम एवं कर्म की पूरी मर्यादा होगी जहाँ आलसी तथा अक्रमन्य व्यक्ति का कोई स्थान
नहीं होगा
- यह संस्था स्वदेशी समाज के लिए यंत्र कि तरह कार्य करेगी साथ-साथ सर्वोपरी समाज एवं
भारत वासियों के हर तरह के अभाव को मिटाएगी परन्तु सिर्फ भारत वासी को आदर्श समाज और
आदर्श राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करेगी युवा शक्ति का पूरा चिंतन, सोच-विचार और भावना
ही ऐसे समाज, ऐसे राष्ट्र का सपना देखना है, जो वह स्वप्न सत्य, नित्य अखण्ड सत्य है
इस सत्य की प्रतिष्ठा के लिए हर प्रकार का त्याग और संघर्ष युवा शक्ति करेगी सभी तरह
के संकट को सहते हुए स्वप्न को सार्थक बनाने के दौरान युवा शक्ति के हर साथी को प्राण
देना भी पड़ेगा तो समझेंगे, वह मरण है स्वर्ग के समान
- यह संस्था छात्र और युवा को उत्कृष्ट सेवा में लाने के लिए मौलिक, वैचारिक, आध्यात्मिक,
सांस्कृतिक ज्ञान का प्रशिक्षण देगी, जिसमे युवा छात्र कर्मठ, ईमानदार, संघर्षशील,
त्यागी बन सके और यह संगठन छात्र-आंदोलन, युवा-आंदोलन, नारी- आंदोलन आदि आदि विषयों
पर ध्यान केंद्रित करेगी यह संगठन आदर्श छात्र-नौजवान बहनों को प्रतिष्ठित करेगी साथ-साथ
हम आदर्श व्यक्ति,देश एवं समाज के सर्वांगिण मुक्ति को घ्येय में रखेंगे सर्वांगिण
मुक्ति का मतलब होता है, गाँव-गाँव, घर-घर, नगर-नगर में स्वाधीनता कि वास्तविकता को
समझाना
- यह संस्था समाजवाद, आध्यात्मवाद, नैतिकतावाद,और साम्यवाद जैसे संस्था, संगठन, राजनितिक
पार्टियों के विचार एवं उनके सुझाव को गंभीरता से लेगी यह संगठन विश्वव्यापी जागरण
के साथ-साथ जीवन समस्या के समाधान के लिए अनवरत संघर्ष करेगी यह संस्था अतीत के आध्यात्मिक
धर्म-कर्म, काव्य-साहित्य, शिल्प-वाणिज्य, युद्ध-विग्रह को प्राथमिकता देगी ताकि हम
अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त कर सकें, गुलाम एवं पराधीन रहने की जो हमें आदत
सी बन गयी है, हम उससे बाहर निकल सके यह संस्था विदेशी सभ्यता जिसके सम्मोहन वाणी में
मनुष्य अपने को लाकर अपना जीवन, धर्म नहीं खोए, अज्ञान केन्द्र को मिटाकर मानवीय चेतना
और राष्ट्रीय चेतना को लौटाएगी यह संगठन अमीर-गरीब, हिंदू-मुसलमान, सिख-ईसाई या कोई
भी धर्म विशेष लोगों के सहयोग को लेगी और नये समाज, राष्ट्र एवं विश्व की रचना करेगी
- यह संस्था मानती है, वर्तमान में मध्यम वर्ग, शिक्षित वर्ग देश की रीढ़ है, जो मुक्ति
पथ के साथ-साथ गणतंत्र के भी अभिभूत है, और जब तक जन साधारण व्यक्ति संघर्ष में नहीं
आता तब तक शिक्षित वर्ग को ही आंदोलन का नेतृत्व करना होगा यह संस्था मानती है कि आज
शिक्षित वर्ग में आदर्श के प्रति निष्ठा एवं लगन का अभाव है, इसमें संदेह नहीं है इसका
कारण है जो शिक्षा हम देते है वह हमारे ह्रदय में आदर्श का बिज नहीं बप्पन कर पाता
आध्यापक या शिक्षित वर्ग सिर्फ अपना कर्तव्य न निभाए वे अगर अपने जीवन को आदर्श और
शिक्षा के प्रभाव से मानवता का निर्माण करने लगे तो छात्र-नौजवानों को आदर्श मनुष्य
बनने से कोई नहीं रोक सकता, और तब हम चरित्रबल और कष्ट एवं सहिष्णुता के बल पर कीर्तिमान
स्थापित कर सकेंगे यह संगठन युवा बुद्धिजीवी साहित्ययिक, कलाकार, व्यवसायी, वैज्ञानिक
और सभी तरह के कार्यकर्ताओ को सदस्य बनाएंगी इसके लिए नौजवानों को समझना होगा कि बिना
जीवन दिये बिना जीवन की उपलब्धि नहीं होती, जो इस आदर्श को समझ अपना सम्पूर्ण बलिदान
दे चूका हो, वही व्यक्ति इस अमृत को समाज एवं मानव जीवन में फैला सकता है यह संस्था
समाज, जीव कल्याण एवं प्रकृति की रक्षा के लिए ऐसे छात्र नौजवानों की समूह तैयार करेगी,
जिसके अंदर विरोध, अत्याचार, निंदा, ईर्ष्या शत्रुता को सहने कि क्षमता हो, शक्ति हो,
जो त्याग के साथ-साथ निःस्वार्थ सेवा कर सके इस संस्था के नौजवानों को अपना समग्र जीवन
रूपांतरित करना होगा अपना समस्त जीवन मानव जाति के लिए, एक नये उज्जवल जगत के लिए इस
संगठन के छात्र नौजवान मुक्ति एवं क्रांति की मशाल को लेकर आगे चलेंगे
- युवा शक्ति अपने शिक्षा कार्यक्रम के दौरान आधारभूत एवं सार्वभौमिक मूल्यों के लिए
सत्य, सदाचरण, शांति, प्रेम, अहिंसा को आधार बनाकर मानव, व्यक्ति का समग्र आर्थिक,
बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास पर जोर देगी, साथ-साथ छात्रों को भारत
का इतिहास, स्वाधिनता संग्राम, सांस्कृतिक विरासत, संवैधानिक दायित्व, विश्व एवं राष्ट्रीय
स्मिता की ज्ञान को प्रोत्साहन देगी विश्व के महापुरुषों के जीवन, चरित्रों के माध्यम
से श्रेष्ठ जीवन मूल्यों के संस्कार बच्चों को दिये जायेंगे जिसमे मूल्य आधारित शिक्षा
को प्राथमिकता मिलेगी बच्चों पर से बस्तों का बोझ कम हो, उसके मस्तिष्क में सिर्फ Computer
or Machne Typng के ज्ञान से ज्यादा उनमे समग्र दृष्टि और स्वतंत्र चिंतन की क्षमता
विकसित की जायेगी इसके लिए जरुरत है कक्षा 6 के बाद भूगोल, अर्थशास्त्र, इतिहास व्
नागरिक शास्त्र के बारे में छात्रों को अधिक से अधिक शिक्षा दी जाए, जिससे हमारे छात्र-युवा
मानव जीवन के इतिहास में आध्यात्मिक और नैतिक प्रेरणा के अधिक महत्त्व के साथ समझ सके
आज जो साहित्य, सस्कृति और इतिहास का वर्तमान शिक्षा के करना नुकसान पहुँच रहा है उसे
हम रोक पायेंगें
- युवा शक्ति मानती है वैचारिक क्रांति या क्रान्तिकारी कहे जाने वाले व्यक्ति यदि रुढिवादी
या consenvatve देशभक्ति या रास्ट्रीयता की बात करने लगे तो वह मनुष्य के कल्याण के
हित में नहीं है ऐसे ही लोग सैक्युलरवादी, समाजवादी, आध्यात्मवादी, मार्क्सवादी का
मुखौटा पहन कर आज समाज, राष्ट्र और विश्व को भाषा, क्षेत्र, जाति, मजहब, धर्म के आधार
पर सम्पूर्ण मानव जाति को विभाजित कर दिया है इसे रोकना युवा शक्ति की प्राथिमिकता
होगी ऐसे ही लोग भारतीय संस्कृति जो हिंदू संस्कृति का मुखौटा पहनकर समाप्त करने की
ओर अग्रसित है, जो मानवीय इतिहास के लिए उचित नहीं है
- युवा शक्ति अपने नित और नियत में कोई फर्क नहीं करेगी, साथ-साथ रणनीति से कम और सत्य
पर अधिक चलने पर विश्वास करेगी, जिससे भारतीय साहित्य, भारतीय कला, भारतीय इतिहास,
भारतीय भाषाओँ को जिवंत रख कर सत्य धर्म, शांति, प्रेम एवं अहिंसा जैसे सार्वभौमिक
मूल्यों को इंसान समझ सके नाजीवाद, फासीवाद, हिटलरवाद जैसे अहंकारी ताकते, जो मानव
के समग्र विकास का अवरोधक है उसे रोका जा सके
- युवा शक्ति राष्ट्रीय चारित्र, आदर्श परम्पराओं को जीवन में अभिभूत कर सके, मार्क्स,
माओ, लेनीन, फिदैल कास्त्रों, चैगवारा, जैसे संघर्षशील व्यक्तिओं के आदर्श को अपने
जीवन में उतार सके एवं स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविन्द जैसे महामानव के आदर्श जीवन
से प्रेरणा पाकर सेवा की ओर अग्रसित हो सके, इसके लिए सदैव संकल्पित संघर्ष करेगी
- युवा शक्ति मानती है कि देश के दार्शनिक, वैज्ञानिक, साहित्यकारों, राजनैतिक एवं अन्य
विद्वानों ने धर्म, अर्थ, काम मोक्ष एवं सुख प्राप्ति को मानव जीवन के लिए उपयोगी बताया
है जिसे युवा शक्ति अनुपालन करेगी
- संस्था की चल या अचल सम्पति से प्राप्त समस्त आय व् कमाई स्मृति पत्र में उल्लेखित
संस्था के उद्देश्य व् लक्ष्यों कि प्राप्ति हेतु पूर्णतः प्रयोग की जायेगी और लगायी
जायेगी इसका कोई भी लाभ संस्था के वर्त्तमान या निवर्त्तमान सदस्यों के माध्यम से दवा
करने वाले किसी एक या अन्य कोई भी सदस्य संस्था की चल या अचल सम्पति पर व्यक्तिगत दावा
नहीं करेगा इसकी सदस्यता के आधार पर किसी भी प्रकार का लाभ प्राप्त नहीं करेगा
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राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव
राष्ट्रीय अध्यक्ष
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युवा शक्ति का संक्षिप्त नियमावली
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01. संस्था का नाम :- युवा शक्ति
02. परिभाषा :-
- समिति के अभिप्राय :- संस्था के कार्यकारिणी समिति |
- पदाधिकारी से अभिप्राय है :- अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष के अलावे ग्यारह उपाध्यक्ष
एक प्रधान महासचिव, पन्द्रह महासचिव, एक प्रवक्ता एवं कार्यकारिणी के सदस्य I
- वर्ष से अभिप्राय है :- 01 अप्रेल से 30 मार्च I
- एक्ट से अभिप्राय है :- सोसाइटी रजिष्ट्रेशन एक्ट XXI, 1960
- कार्यकारिणी से अभिप्राय है :- संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य I
03. सदस्यता
- प्रत्येक व्यक्ति जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, जो आध्यात्मिक, वैचारिक,सामाजिक विचारों
से ओत-प्रोत हो और संस्था के नियमों एवं उद्देश्यों का पालन निष्ठा पूर्वक करता हो,
साथ-साथ संस्था के प्रति अंतरंग निष्ठा रखता हो वही इस संस्था के आम सदस्य बन सकते
हैं I सदस्यता ग्रहण हेतु प्रत्येक व्यक्ति को वृहत-पत्र में आवेदन देना होगा जिसकी
स्वीकृति या अस्वीकृति संस्था के पदाधिकारी के द्वारा प्रदान की जायगी I
- संस्था के प्रारंभिक कम से कम 11 तथा ज्यादा से ज्यादा 51 सदस्य होंगें I उन्हें प्रवेश
शुल्क के रूप में 5100 रुपये देने होंगे I
- संस्था के कार्यकारिणी के सहमति से बाहरी व्यक्ति जो भी संस्था के हित में 5100 रुपया
देगा वह आजीवन तथा जब तक काम करने योग्य होंगें, आमंत्रित कार्यकारिणी सदस्य होंगे
I साथ-साथ जो बाहरी व्यक्ति संस्था के हित में 1100 रूपये देंगे, उन्हें एक वर्ष का
आमंत्रित कार्यकारिणी लिए के सदस्य बनाया जायेगा I
04. सदस्यता कि समाप्ति :-
निम्नलिखित परिस्थितियों में संस्था के सदस्यों की सदस्यता समाप्त की जा सकेगी-
- स्वयं त्याग पत्र देने पर I
- मानसिक और शारीरिक रूप से विक्षिप्त एवं मृत्यु होने पर I
- सदस्यता शुल्क नहीं देने पर I
- कार्यकारिणी द्वारा दो तिहाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव करने पर I
- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दण्डित होने पर I
- बिना कारण बताए कार्यकारिणी की लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित होने पर I
- किसी भी तरह का नशा करने वाले सदस्य को संस्था में नहीं रखा जायेगा I
05. आय का श्रोत :-
- सदस्यता शुल्क एवं प्रवेश शुल्क I
- गैर सरकारी दान – अनुदान एवं सहायता I
- प्रशिक्षण के दौरान संगठन द्वारा उत्पादित वस्तुओं के बिक्री से I
06. कार्यकारिणी का गठन :-
- संस्था के कार्यकारिणी समिति में पदाधिकारी सहित 51 सदस्य होंगे I
- कार्यकारिणी समिति का चुनाव आम सभा द्वारा किया जायेगा I
- कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा I
- यदि किसी कारणवश पद रिक्त होता है तो उक्त पद पर कार्यकारिणी की सहमति के सदस्य को
चुना जा सकता है I परन्तु वार्षिक बैठक में उसे विधिवत रूप से चुनाव करा लेना होगा
I
07. कार्यकारिणी समिति की बैठक
- कार्यकारिणी की बैठक प्रत्येक तीन माह पर होगी I विशेष परिस्थिति में आवश्यकता अनुसार
कभी भी बुलाई जा सकेगी I
- कार्यकारिणी की वार्षिक बैठक प्रत्येक वर्ष अप्रेल में होगी तथा आवश्यकता पड़ने पर कभी
भी बुलाई जा सकती है I
08. बैठक की सूचना :-
- कार्यकारिणी समिति की सामान्य बैठक की सूचना पन्द्रह दिन पूर्व दी जायेगी I
- आवश्यक बैठक की सूचना दो दिन पूर्व दी जायेगी I
- आम सभा की समान्य बैठक की सूचना एक माह पूर्व तथा विशेष बैठक की सूचना सात दिन पूर्व
प्रसारित होना आवश्यक होगा I
09. गणपूर्ति :-
- किसी भी बैठक के कोरम के लिए उसके कुल सदस्यों के दो तिहाई (2/3) अनिवार्य होगाI
- कोरम पूर्ति नहीं होने पर बैठक स्थगित हो जायेगी I किन्तु स्थगित बैठक के लिए पुनः
कोरम की आवश्यकता नहीं होगी तथा पूर्व निर्धारित विषयों पर ही विचार किया जायेगा I
10. पदाधिकारी के कर्तव्य एवं अधिकार :-
अध्यक्ष :-
- प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता करना I
- संस्था के कार्यों पर नियंत्रण करना I
- विशेष-परिस्थिति में किसी भी विषय पर अपना निर्णायक मत देना I
- देश-काल, पात्र और किसी परिस्थिति के अनुसार कोई भी निर्णय लेने में स्वतंत्र होंगे,
परन्तु अध्यक्ष चाहे तो सदस्यों की सहमति भी ले सकते है I
- कार्यवाही पंजी पर अपना हस्ताक्षर करना I
- स्वयं की अनुपस्थिति में बैठक कि अध्यक्षता हेतु कार्यकारिणी के अन्य किसी सदस्य के
लिए सहमति प्रदान करना I
सचिव :-
- सभी बैठकों का आयोजन करना I
- अध्यक्ष के सलाह व् निर्देशन का पूर्णतः पालन करना I
- सभी कार्यवाही कि अद्यतन रिपोर्ट रखना I
- समिति के अनुमति के बिना 1000 रुपया तक व्यय करना I
- संस्था के आय-व्यय, चल-अचल सम्पति एवं नियुक्ति, बर्खास्तगी, अनुशासन तथा सरकार स्तर
पर किसी तरह का संपर्क करने का अधिकार होगा I
- संस्था के सभी कागजातों को रखने का आधिकार होगा I
- सचिव को अपने सहयोग के लिए कार्यकारिणी के सदस्यों में से किसी को भी एक सहायक मंत्री
के रूप में अध्यक्ष की सह्मति से मनोनीत करने का अधिकार होगा I
- संस्था की हर गतिविधि को अध्यक्ष को संज्ञान में लाना I
- बिना अध्यक्ष की अनुमति के संस्था व् संस्था के बहार किसी व्यक्ति या अन्य संस्था (
किसी भी रूप में ) से कुछ भी अंतिम निर्णय नहीं लेंगे I
- संस्था के उद्देश्यों के लिए सभी प्रकार के प्रयास अध्यक्ष की सहमति से करेंगें I
- बैठक की कार्यवाही को कार्यवाही पंजी में अनिवार्य रूप से अंकित करना तथा सभी सदस्यों
को कार्यवाही की जानकारी देने की जिम्मेवारी होगी I
- संस्था के सभी कागजात पंजीयन कार्यालय में रहेगी I सचिव के अनुमति से ही कार्यकारिणी
के कोई भी सदस्य पंजी लेखा तथा कार्यवाही का निरिक्षण कर सकते है I
- संस्था से सम्बंधित सभी तरह का पत्र व्यवहार करेंगे I
कोषाध्यक्ष :-
- क. आय-व्यय का पूर्णतः ध्यान रखना I
- ख. आय-व्यय का वार्षिक विवरण आम सभा की बैठक में प्रस्तुत करना I
- ग. संस्था के नाम प्राप्त राशि का रसीद काटना एवं सदस्यता शुल्क, प्रवेश शुल्क प्राप्त
कर रसीद देना I
- घ. संस्था के कोष को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक या डाक घर में संस्था के नाम पर जमा कराना
I
- ङ. संस्था के आय-व्यय का लेखा परीक्षण हेतु किसी ऑडिटर की नियुक्ति कर सकते हैं I
उपाध्यक्ष, प्रधान महासचिव, महासचिव :-
- क. सभी बैठकों में भाग लेना I
- ख. बैठकों में पारित प्रस्ताव का समर्थन करना I
- ग. अध्यक्ष के निर्देशानुसार संगठन को मजबूत करना तथा सदस्यता अभियान चलाना I
प्रवक्ता :-
- युवा शक्ति के उद्देश्यों, नीतियों, एवं कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुँचाना I
- इसके लिए अध्यक्ष के निर्देश पर प्रकाशनार्थ एवं प्रसारनार्थ का कार्य करना I
11. संगठन का कोष :-
- क. संस्था के समिति द्वारा निर्धारित किसी राष्ट्रीयकृत बैंक या डाकघर में संस्था के
नाम से प्राप्त राशि को जमा करना होगा I
- ख. बैंक खाते का संचालन कोषाध्यक्ष के साथ अध्यक्ष या सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से
होगा I
- ग. राज्य कमिटी का कोष केन्द्रीय कमिटी द्वारा देय एवं आबंटन होगा और राज्य कमिटी सदस्यता
शुल्क के राशि का 50% का ही अधिकारी होगा i
12. प्रार्थित बैठक :-
- एक तिहाई सदस्यों के लिखित मांग पर अध्यक्ष या सचिव के आदेश से लिखित विशेष निर्णय
हेतु बैठक अभिलम्ब बुलाने होंगें I
13. निधि का अंकेक्षण :-
- संस्था के आय-व्यय का लेखा समुचित रूप से रखा जायेगा और प्रति वर्ष अंकेक्षण नियुक्त
कर अंकेक्षित किया जायेगा I
14. कानुनी कार्यवाही :-
- क. संस्था के द्वारा या खिलाफ कानुनी कार्यवाही सचिव के पद नाम से होगी तथा अधिवक्ता
की नियुक्ति अध्यक्ष की सलाह से की जायेगी I
- ख. संस्था द्वारा बैंक से ऋण लेने के पश्चात बैंक की अदायगी समय पर नहीं करने पर बैंक
का अधिकार होगा कि 6 माह की सूचना देकर संस्था कि सम्पति को नीलाम कर बैंक अपना बकाया
राशि वसूल कर लें
15. नियमावली में संशोधन :-
- क. अध्यक्ष के सहमति एवं स्वीकृति से इस संस्था के स्मृति पत्र में उद्देश्यों एवं
नियमावली में आवश्यकतानुसार संशोधित किया जा सकता है I
- ख. अध्यक्ष कि सहमति एवं स्वीकृति से समयानुसार विभिन्न पदों, कार्यक्रमों एवं संस्था
के सभी अंगों तथा कर्मचारियों हेतु तथा अन्य किसी भी प्रकार की जरुरत के लिए नियम बनाये
जा सकते हैं और प्रभावी किए जाएंगें I
16. विघटन व् विलय :-
- क. यदि कोई भी अन्य संस्था इस संस्था में विलय करना चाहे तो कार्यकारिणी के राय से
विलय कराया जा सकता है I
- ख. संस्था का विघटन संस्था अधिनियम की धारा के अनुसार सरकार से अनुमति प्राप्त कर किया
जा सकेगा I
17. अनुशासन समिति :-
- अध्यक्ष के सहमति से कार्यकारिणी के सदस्य अनुशासन समिति के सदस्य नियुक्त होंगे I
- अध्यक्ष कभी भी, किसी भी परिस्थिति में देश, विश्व, राज्य, समाज और सम्पूर्ण मनुष्य
जाति के हित में कोई भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे जो सबके लिए सर्वमान्य होगा
I
- अध्यक्ष के किसी भी निर्णय पर कोई वाद-विवाद नहीं होगा, एवं उनके निर्णय के बाद ही
कोई कार्यवाही होगी I
- प्रमाणित किया जाता है कि यह नियमावली कि सच्ची प्रतिलिपि है I
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राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव
राष्ट्रीय अध्यक्ष
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